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जेहि पर कृपा करहिं जनुजानी। कवि उर अजिर नचावहिं बानी । मोरि ,सुधारहिं सो सब भांति 108 times | Vishal
जेहि पर कृपा करहिं जनुजानी। कवि उर अजिर नचावहिं बानी । मोरि ,सुधारहिं सो सब भांति 108 times | Vishal – Vishal Saini · Neo Music